12 दिसंबर 2015 - 18:51
कर्बला में 27 लाख का जनसमूह, + हवाई तस्वीरें

इराकी अधिकारियों ने बताया कि इस साल चेहलुम के अवसर पर कर्बला में 27 लाख ज़ायरीन ने इकट्ठा होकर दुनिया की सबसे बड़ी सभा का रिकॉर्ड बनाया है।

अहलेबैत न्यूज़ एजेंसी अबना: अलआलम की रिपोर्ट के अनुसार इराकी अधिकारियों ने बताया कि इस साल चेहलुम के अवसर पर कर्बला में 27 लाख ज़ायरीन ने इकट्ठा होकर दुनिया की सबसे बड़ी सभा का रिकॉर्ड बनाया है।
इराकी अधिकारियों ने विवरण देते हुए कहा है कि ज़ायरीन के 27 लाख के महान मजमे में 60 प्रतिशत महिलाऐं हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष तीन लाख ईरानी जबकि 4 लाख दुनिया के 60 देशों से ज़ायरीन कर्बला आए हैं। तथा 65 हजार मातमी दस्ते कर्बला में मौजूद थे जबकि 17 हजार अंजुमनें और मौकब (कैम्प) पैदल चलने वाले ज़ायरीन को सेवाएं प्रदान कर रहे थे।
गौरतलब है कि इराकी जनता ने कर्बला के विभिन्न मार्गों पर पैदल कर्बला जाने वाले ज़ायरीन के लिए हर तरह के आराम की व्यवस्था की है। जगह जगह टेंट लगे हैं जिसमें लोग ज़ायरीन के आराम और सुविधा का पूरा प्रबंध है, इराकी जनता हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के ज़ायरीन की सेवा करने को अपने लिए गर्व समझती है और उनके पैर धोती है उनके हाथ पैर दबाती है और उनके शरीर की मालिश करती है ताकि कर्बला के ज़ायरीन फ्रेश और ताजा होकर अपने माशूक के रौज़े की ओर बढ़ सकें। इराकी जनता कर्बला के ज़ायरीन के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने को तैयार रहती है।
कर्बला के रास्ते में हज़रत सैयदुश्शोहदा के ज़ायरीन के लिए सबसे अच्छे भोजन बनाए जाते हैं जो उन्हें आग्रह करके खिलाया जाता हैं। अच्छी चाय और ठंडे पानी का भी पूरा प्रबंध रहता है। इन मार्गों पर ज़ायरीन के लिए सबसे अच्छी चिकित्सा सुविधाएं भी मौजूद हैं जो जरूरत पड़ने पर प्रदान की जाती हैं। इन्हीं रास्तों से होकर अब लगभग ढाई करोड़ से अधिक ज़ायरीन कर्बला पहुंचे हैं। कर्बला में इस समय हज़रत अबुल फज़्ल अब्बास और इमाम हुसैन अ.स. के रौज़ों के बीच और आसपास लाखों लोगों का ठाठें मारता हुआ समंदर देखा जा सकता है। हजारों मातमी अंजुमनें नौहा और मातम करते हुए हजरत सैयदुश्शोहदा इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के रौज़े की ओर बढ़ रही हैं।